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Tuesday, 24 August 2021

Bihar

 

करोड़ों रुपए लेकर गायब हुए 38 जूनियर इंजीनियर, अब वसूली के लिए पता खोज रहा विभाग, यहां पढ़ें पूरी लिस्ट

हिन्दुस्तान ब्यूरो,पटना
Wed, 25 Aug 2021 07:01 AM
करोड़ों रुपए एडवांस लेने के बाद ग्रामीण कार्य विभाग के तीन दर्जन से अधिक कनीय अभियंता लापता हो गए हैं। अब विभाग ऐसे इंजीनियरों का पता खोज रहा है। संबंधित अंचल को कहा गया है कि वे ऐसे अभियंताओं का स्थायी पत्राचार पता अविलंब मुहैया कराएं ताकि उनसे राशि का समायोजन या वसूली की जा सके।



ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख अशोक कुमार मिश्रा ने इस बाबत संबंधित कार्य अंचलों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि विभाग के 38 कनीय अभियंताओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना-एनआरईपी के तहत अग्रिम राशि की निकासी कर ली। कुल राशि 7 करोड़ 94 लाख थी। लेकिन कनीय अभियंताओं ने इन पैसे का हिसाब नहीं दिया। 

इसी बीच कई अभियंता सेवानिवृत्त हो गए तो कुछ इस दुनिया को छोड़ चुके हैं। जानकारी के अनुसार 38 कनीय अभियंताओं में 20 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि 15 अभी कार्यरत हैं। दो की मौत हो चुकी है जबकि एक छापेमार एजेंसी की दबिश में धरा चुके हैं। विभाग ने कहा है कि इन अभियंताओं का स्थायी पता, पत्राचार का पता और दूरभाष संख्या अविलंब मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। 

इन अभियंताओं का खोजा जा रहा है पता

विभाग जिन कनीय अभियंताओं का पता खोज रहा है, उनमें अरुण कुमार व विजय कुमार की मौत हो चुकी है। जबकि इंद्रदेव प्रसाद, घनश्याम दास, श्रीकांत प्रसाद, सुभाष चंद्र सिंह, रवीन्द्र कुमार सिंह, प्रभुजी साह, कैशर अली, कुंवर रवीन्द्र प्रसाद सिंह, नेशार अहमद, उमेश प्रसाद सिंह, फेराजुल हक, सिराज अहमद, कृष्ण देव प्रसाद, दिलीप कुमार, राजेन्द्र कुमार, विरेन्द्र कुमार मिश्रा, अनिल कुमार सिंह, तौकिर अहमद, रामस्वार्थ साह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि नवलेश प्रसाद सिंह छापेमार एजेंसी की गिरफ्त में हैं। विभाग में कार्यरत कनीय अभियंताओं में नंदकिशोर शर्मा, अरविन्द कुमार, छोटू प्रसाद, शंभूनाथ केसरी, विजय प्रताप सिंह, इंद्रदेव यादव, प्रमोद कुमार, व्यासमुनी राम, छोटू प्रसाद, प्रमोद कुमार विद्यार्थी, महेश रजक, कमल नारायण शर्मा व सदाब अनवर अभी कार्यरत हैं। 

अधिकारियों के अनुसार इन कनीय अभियंताओं ने अगर एनआरईपी में ली गई अग्रिम राशि का समायोजन नहीं किया तो उनसे वसूली की जाएगी। कार्यरत अभियंताओं से वेतन मद से जबकि सेवानिवृत्त अभियंताओं से पेंशन मद से यह राशि वसूली होगी। वहीं जिनकी मौत हो चुकी है, सरकार उनके पारिवारिक पेंशन मद से इस राशि की वसूली करेगी। योजना एवं विकास विभाग के अनुरोध पर ग्रामीण कार्य विभाग ने यह कवायद शुरू की है। 38 कनीय अभियंताओं में सबसे कम राशि आठ हजार कृष्ण देव प्रसाद के नाम पर है जबकि सबसे अधिक राशि एक करोड़ उमेश प्रसाद सिंह के नाम पर है। 

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नई दिल्लीः PM किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठाने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. क्योंकि इस योजना के तहत किसानों को हर महीने 3000 रुपये मिल सकते हैं और इस योजना के लिए किसानों को किसी भी तरह के कोई दस्तावेज भी नहीं देने होंगे. फिलहाल, PM किसान योजना से किसानों को अभी तक 2000 की तीन यानी की सालाना 6000 रुपये मिलते हैं.

लेकिन, इस योजना के तहत अभ किसानों को सालाना 36000 रुपये मिल सकते हैं. पीएम किसान मानधन योजना के तहत किसनों को हर महीने पेंशन दी जाती है. 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये यानी साल के 36000 रुपये किसानों को पेंशन दी जाती है और मोदी सरकार किसानों को आर्थिक मदद के लिए ये राशि देती है.


आपको बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से चलाई गई इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों को कुछ डाक्यूमेंट्स की जरुरत पड़ेगी, जैसे कि आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल आदि. लेकिन, अगर आप पीएम किसान का फायदा ले रहे हैं तो इसके लिए आपको कोई भी एक्सट्रा डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं है.

कैसे मिलेगा इस योजना का फायदा?

1. इस योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष तक का कोई भी किसान ले सकता है.

2. इसके लिए अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही खेती योग्य जमीन होनी चाहिए.

3. कम 20 साल और अधिकतम 40 साल तक 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान करना होगा, जो किसान की उम्र पर निर्भर है.

18 साल की उम्र में जुड़ने वाले किसानों को मासिक अंशदान 55 रुपये देय होगा.

5. अगर 30 साल की उम्र में इस योजना से जुड़ते हैं तो 110 रुपये जमा करने होंगे.

6. अगर आप 40 की उम्र में जुड़ते हैं तो हर महीने 200 रुपये जमा करने होंगे.

Swami Vivekanand

 स्वामी विवेकानन्द 
(जन्म: 12 जनवरी 1863 - मृत्यु: 4 जुलाई 1902) वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था।

 एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम है। अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ। कलाम ने भारत के लिए कई मिसाइलें बनाई। डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम ने भारत के लिए अग्नि और पृथ्वी जैसी विभिन्न मिसाइलों का निर्माण किया, इसलिए उन्हें मिसाइल मैन कहा जाता है।